अर्थव्यवस्था

राष्ट्रपति ने भी माना नोटबंदी से गरीबों की बढ़ी परेशानी,अस्थायी आर्थि‍क मंदी भी संभव

नोटबंदी के लगभग 58 दिन हो गये. लोगों की परेशानी अब तक समापत नहीं हुई है. इस पर पहली बार महामहिम कुछ बोले हैं. गुरुवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि नोटबंदी से गरीब लोगों की परेशानी बढ़ी है.

अस्थायी आर्थि‍क मंदी संभव

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गुरुवार को देश भर के राज्यपालों और उपराज्यपालों को संबोधित करते हुए नोटबंदी का जिक्र किया. राष्ट्रपति ने यह संदेश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दिये. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि नोटबंदी से निश्चित ही गरीबों की परेशानियां बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि इससे कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में ताकत मिलेगी. उन्होंने माना कि नोटबंदी से अस्थायी आर्थि‍क मंदी संभव है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के पैकेज से राहत की उम्मीद है.

 

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि गरीबों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास हो रहा है. संभवत: नोटबंदी से लंबे समय में गरीबों को फायदा होगा. हालांकि उन्हें संदेह है कि गरीब इतना लंबा इंतजार नहीं कर सकते. ऐसे में यह जरूरी है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से मदद मुहैया करायी जानी चाहिए, ताकि वे भी भूख, बेरोजगारी और शोषण रहित भारत की ओर अग्रसर हो सकें.